Biology

Matric 2020 Subjective Question and objective question

प्रश्न 1. जीन लक्षणों को कैसे नियंत्रित करते है ? 

उत्तर-कोशिका में प्रोटीन संश्लेण के लिए एक सूचना तंत्र होता है, DNA के जिस भाग में प्रोटीन संश्लेषण के लिए सूचना होती है वह प्रोटीन का जीन कहलाता है । जीवों के लक्षण इसी हॉर्मोन पर निर्भर करते हैं। हॉर्मोन की मात्रा उस प्रक्रम की दक्षता पर निर्भर करती है जिसके द्वारा वे उत्पादित होते हैं। यदि विशिष्ट प्रोटीन दक्षता से कार्य करेगी तो हॉर्मोन पर्याप्त मात्रा में उत्पन्न होगा और यदि प्रोटीन की दक्षता पर कुछ भिन्न प्रभाव पड़ता है तो कम दक्षता के कारण हॉर्मोन कम होगा। जीन ही लक्षणों को प्रभावित और नियंत्रित करते हैं। 

2 समजात, समवृति औअवशेषी अंग क्या है ? प्रत्येक के एक-एक उदाहरण दें। 

उत्तर- समजात अंग…विभिन्न जीवधारियों के ऐसे अंग जो उत्पत्ति के आधार पर समान होते हैं परन्तु कार्य के आधार पर भिन्न होते हैं, समजात अंकहलाते हैं। उदाहरण-ह्वेल का फ्लिपर और चमगादड़ का पंख । -भिन्न जीवधारियों के ऐसे अंग जो कार्य में तो मान होते हैं परन्तु उत्पत्ति में एक दूसरे से भिन्न होते हैं, समवृत्ति अंग कहलाते हैं। उदाहरण—चिड़िया का पंख एवं कीट का पंख । अवशेषी अंग.-जीवों के ऐसे अंग जिनसे काफी समय पहले कार्य सम्पन्न किए जाते थे, लेकिन धीरे-धीरे उन अंगों की उपयोगिता नहीं रह गई तथा जो इस कारण पृष्ठभूमि में चले गए, अवशेषी अंग कहलाते हैं। उदाहरण….मानव में वर्मिफार्म एपेंडिक्स, निक्टिटेटिंग झिल्ली, बाह्य कान की पेशियाँ, पुच्छ कशेरूक आदि । 

प्रश्न 3. अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न विभिन्नता अधिक स्थायी होती हैं, व्याख्या कीजिए। यह लैंगिक प्रजनन करने वाले जीवों के विकास को किस प्रकार प्रभावित करता है ? 

उत्तर-अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न विभिन्नताएँ अधिक स्थाई होती हैं। अलैंगिक जनन एक ही जीव से होने के कारण केवल उसी के गुण उसकी संतान में जाते हैं और वे बिना परिवर्तन हुए पीढ़ी दर पीढ़ी समान 

ही रहते हैं। लैंगिक जनन नर और मादा के युग्मकों के संयोग से होता है जिनमें _ भिन्न-भिन्न जीन होने के कारण संकरण के समय विभिन्नता वाली संतान उत्पन्न 

होती है । उदाहरण के लिए सभी मानव युगों पहले अफ्रीका में उत्पन्न हुए थे पर जब उनमें से अनेक ने अफ्रीका छोड़ दिया और धीरे-धीरे सारे संसार में फैल गए तो लैंगिक जनन से उत्पन्न विभिन्नताओं के कारण उनकी त्वचा का रंग, कद, कार 

आदि में परिवर्तन आ गया। 

प्रश्न 4. मेंडल के कार्य का संक्षिप्त उल्लेख करें। 

उत्तर-आस्ट्रिया निवासी मेंडल (1882-1884) ने आनुवंशिकता को नियंत्रित करने के बारे में महत्त्वपूर्ण कार्य किया था। उसने मटर के पौधे के विभिन्न सात गुणों-पौधे की ऊँचाई, फूका रंग, बीज की आकृति, फूलों की स्थिति, बीज का रंग, फलों का प्रकार, फली का रंग के बारे में तुलनात्मक अध्ययन किया था और परिणाम निकाला कि मटर के लक्षण कुविशेष इकाइयों द्वारा नियंत्रित होते हैं जिन्हें ‘कारक’ कहते हैं । यही बाद में आनुवंशिक सूचनाओं को संचारित करनेवाले ‘जीन’ 

कहलाए थे। 

प्रश्न 5. आर्कियोप्टेरिक्स को सरीसृप और पक्षी वर्ग के बीच की कड़ी बयों माना जाता है ? 

उत्तर-आर्कियोप्टेरिक्स में कुछ विशेषताएँ सरीसृपों जैसी थीं और कुछ पक्षियों जैसी । इसलिए उसे इन दोनों के बीच की कड़ी के रूप में स्वीकार किया जाता है। 

(a) सापों के गुण 

(i) इनकी पूँछ लंबी होती थी। (ii) जबड़ों में दाँत होते थे। (iii) लंबे नुकीले नाखुनों से युक्त तीन उँगलियाँ होती थीं। 

(iv) शरीर छिपकली के समान था। (b) पक्षियों के गुण 

(i) शरीर पर पँख होते थे। (ii) चोंच उपस्थित थी। (iii) अग्रबाहु पक्षियों की तरह थे। 

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