Bihar Board Class 12th Psychology ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) 2024 ( 20 Marks ) | PART- 5

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Psychology Class 12th ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) 2024 ( 20 Marks ) 

Q73. व्यवहार पर टेलीविजन के समाधान को लिखें।

उत्तर ⇒ टेलीविजन का व्यवहार पर निम्नलिखित प्रभाव हैं

(i) टेलीविजन से बच्चों में पढ़ने एवं लिखने की आदत कमजोर हो जाता है।
(ii) टेलीविजन के कारण व्यक्ति अपनी जिंदगी में भी वैसा ही अवास्तविक समाधान निकालने की कोशिश करता है।
(iii) टेलीविजन के कुछ कार्यक्रम को देखकर किशोर एवं किशोरियाँ दिग्भ्रमित हो जाती हैं।


Q74. मनोदशा विकृति क्या है ? इसके मुख्य प्रकार कौन-कौन हैं ?

उत्तर ⇒ मनोदशा विकृति वास्तव में मानसिक विकृति का एक प्रकार है। इसमें व्यक्ति की मनोदशा अथवा संवेगात्मक स्वर में असंतुलन विकसित हो जाता है। इसके मुख्य दो प्रकार हैं जिन्हें एकपक्षीय मनोदशा (unipolar depression) तथा द्विपक्षीय विषाद (bipolar depression) कहते हैं। एकपक्षीय विषाद में रोगी सदा विषाद की स्थिति में रहता है। जबकि द्विपक्षीय विषाद में रोगी कभी मनोदशा की स्थिति में और कभी उत्साह (mania) की स्थिति में रहता है। इसको उत्साह विषाद मनोविकृति (Manic-depressive psychotic disorder) कहा जाता है।


Q75. चिकित्सा के उद्देश्यों का उल्लेख करें। [2019A]

उत्तर ⇒ मनोविज्ञान में चिकित्सा या मनोचिकित्सा का उद्देश्यं रोगी के मानसिक समस्याओं को दूर करके उसमें आत्मबोध तथा सामर्थ्य आदि विकसित करना होता है। इसके प्रमुख उद्देश्य है रोगी में अन्तरदृष्टि उत्पन्न करना, मानसिक संघर्षों में न्यूनता लाना, पर्यावरण में परिवर्तन करना, धारणाओं के परिवर्तन में मदद करना, संवेगात्मक रेचन में मदद करना, अवांछनीय आदतों के परिवर्तन में मदद करना आदि।


Q76. व्यवहार चिकित्सा की मॉडलिंग प्रविधि का वर्णन संक्षेप में करें। [2019A]

उत्तर ⇒ व्यवहार चिकित्सा की मॉडलिंग प्रविधि का उपयोग सर्वप्रथम बैण्डुरा (Bandura) ने किया था। इस प्रविधि में रोगी दूसरे व्यक्ति या मॉडल (चिकित्सक) को एक खास व्यवहार करते देखता है और उससे विशेष अनुभव प्राप्त करता है। इस तरह के प्रेक्षण के आधार पर रोगी वांछित व्यवहार को धीरे-धीरे सीख लेता है तथा अवांछित व्यवहार का परित्याग करता है।


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Q77. व्यवहार चिकित्सा क्या है? उल्लेख करें।

उत्तर ⇒ व्यवहार चिकित्सा विधि का प्रतिपादन जे० वी० वाटसन (J.B. Watson) द्वारा किया गया। यह सीखने के नियमों विशेषकर क्लासिकी अनुबंधन तथा क्रिया प्रसूत अनुबंधन (operant के नियमा पर आधारित एक प्रमुख चिकित्सा विधि है। व्यवहार चिकित्सा विधि का मानना है कि गलत शिक्षण के कारण कुसमायोजित व्यवहार अथवा मानसिक बीमारी उत्पन्न होती है। अतः इस विधि द्वारा मानसिक रोगियों का उपचार उनके व्यवहार में शिक्षण के द्वारा परिमार्जन लाकर किया जाता है।


Q78. . संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा क्या है

उत्तर ⇒ संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा के अनुसार मानसिक रोग का कारण गलत संज्ञान और चिंतन हैं। अतः गलत संज्ञान या चिन्तन को हटाकर सही संज्ञान या चिन्तन रोगी में विकसित कर दिया जाए तो इससे रोग स्वतः ही
समाप्त हो जाएगा। इसके दो प्रमुख प्रकार हैं

(i) रैसनल एमोटिव चिकित्सा तथा
(ii) बेक का संज्ञानात्मक चिकित्सा।


Q79. लोगो चिकित्सा की विशेषताओं का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ लोगो चिकित्सा से तात्पर्य उस चिकित्सा पद्धति से है जिसमें रोगी के अपने अस्तित्व के अर्थ के विश्लेषण पर बल दिया जाता है। यहाँ रोगी को वही व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जो उसके भय का कारण होता है। यहाँ रोगी को चिन्ता उत्पन्न करने वाली चीज से ध्यान हटाकर किसी अन्य रचनात्मक विषय में लगाया जाता है। जिसके फलस्वरूप रोगी में नई चेतना एवं सूझ-बूझ विकसित हो जाती है।


Q80. मनोविश्लेषणात्मक विधि के गुणों का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ मनोविश्लेषणात्मक विधि के कुछ प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं

(i) यह एक तात्विक चिकित्सा है, जिससे रोग के कारणों की खोज करके उनको दूर किया जाता है।
(ii) इस विधि द्वारा चिन्ता विकृति, हिस्ट्रीया, स्नायु विकृति, विषाद आदि का उपचार – सफलतापूर्वक किया जाता है।
(iii) इस चिकित्सा में गहनता का गुण पाया जाता है


Q81. योग के आठ अंग कौन-कौन से है? [2019A]

उत्तर ⇒ पतंजलि ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक योगसूत्र में योग के आठ अंग बताया है—1. यम 2. नियम 3. आसन 4. प्राणायाम 5. प्रत्याहार 6. धारणा 7. ध्यान 8. समाधि। इसे अष्टांग योग कहा जाता है।


Q82. योग चिकित्सा के महत्त्व पर प्रकाश डालें।

उत्तर ⇒ योग भारतीय संस्कृति की एक प्राचीन जीवन शैली है। आधुनिक युग में योग मनश्चिकित्सा का सशक्त माध्यम बन गया है। योग चिकित्सा का महत्त्व यह है कि इसके माध्यम से चिकित्सा होने पर रोगी को किसी प्रकार के आघात का अनुभव नहीं होता है। इसी कारण आज योग द्वारा शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य प्राप्त करने की पद्धति पूरे विश्व म मान्य है। साथ ही साथ मनोविकारों के उपचार में भी इसमें सहायता ली जा रही है।


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Q83. मनावृत्ति के संज्ञानात्मक संघटक से आप क्या समझते हैं? [20193

उत्तर ⇒ मनोवृत्ति के संज्ञानात्मक संघटक से तात्पर्य यह है कि व्यक्ति मनोवृत्ति-वस्त है प्रत्यक्षाकरण किस रूप में करता है। अर्थात किसी मनोवृत्ति-वस्तु के प्रति हमारी जो धारणा विश्वास होता है, उसे ही मनोवृत्ति का संज्ञानात्मक संघटक कहा जाता है। जैसे-कुछ व्यक्तियों द्वारा सत्संग का आयोजन की तैयारी की जा रही है और हमारा सोच, विश्वास, प्रत्यक्षण आदि ऐसा है कि सत्संग एक अच्छी चीज है और इससे व्यक्ति में अध्यात्मिक शुद्धि आती है, तो यह संज्ञानात्मक संघटक का उदाहरण है।


Q84. मनोवृत्ति तथा विश्वास में अंतर बताएँ।

उत्तर ⇒

(i) मनोवृत्ति में संज्ञानात्मक तथा व्यवहारात्मक संघटकों के साथ-साथ भावात्मक संघटक (feeling component) भी उपलब्ध होता है, जबकि विश्वास में यह संघटक नहीं होता है।
(ii)विश्वास वास्तव में मनोवृत्ति का एक अंश मात्र है। अतः प्रत्येक मनोवृत्ति में विश्वास शामिल होता है, परंतु प्रत्येक विश्वास में मनोवृत्ति निहित नहीं होती है।
(iii) मनोवृत्ति दिशात्मक (directional) होती है। यह प्रायः सकारात्मक (positive) या नकारात्मक (negative) होती है। लेकिन, विश्वास में यह गुण नहीं होता है।
(iv) विश्वास की अपेक्षा मनोवृत्ति में व्यवहारात्मक पक्ष अधिक सबल होता है। विश्वास में भाव-पक्ष के अभाव के कारण व्यवहार या क्रिया करने की तीव्र बाध्यता नहीं होती है, जबकि मनोवृत्ति में भाव-पक्ष की प्रधानता के
कारण व्यवहार या क्रिया करने की तीव्र बाध्यता होती है।


Q85. मनोवृत्ति तथा मूल्य में अंतर बताएँ।

उत्तर ⇒
(i) मनोवृत्ति की अपेक्षा मूल्य में भावात्मक पक्ष अधिक प्रधान तथा प्रभावशाली होता है।
(ii) मनोवृत्ति की तुलना में मूल्य अधिक स्थिर (stable) होता है फलतः मूल्य में परिवर्तन अपेक्षाकृत अधिक कठिन है।
(iii) मनोवृत्ति के निर्माण पर मूल्य का निश्चित प्रभाव पड़ता है, परंतु मूल्य के विकास पर मनोवृत्ति का कोई निश्चित प्रभाव नहीं पड़ता है।
(iv) मनोवृत्ति के केवल दो प्रकार हैं—सकारात्मक तथा नकारात्मक। दूसरी ओर मूल्य के कई प्रकार हैं सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, नैतिक, आर्थिक आदि।


Q86. मनोवृत्ति तथा मत में अंतर बताएँ।

उत्तर ⇒

(i) मनोवृत्ति प्रत्याशी प्रतिक्रिया (anticipatory response) है, जबकि मत या विचार (idea) वाचिंत अभिव्यक्ति (verbalized expression) है (K. Young, 1951)
(ii) व्यक्ति के व्यवहार पर मत की अपेक्षा मनोवृत्ति का प्रभाव अधिक पड़ता है। ” आरक्षण (reservation) के विपक्ष में हमारा विचार होते हुए भी हम हरिजना के साथ सामाजिक संबंध क़ायम रख सकते हैं,
परंतु नकारात्मक मनोवृत्ति होन पर यह संभव नहीं है।
(iii) मनोवृत्ति का निर्माण प्रधानतः अचेतन होता है। हमें इस बात की चेतना बहुत कम होती है कि हम किस प्रकार भिन्न भिन्न मनोवत्तियों को सीख लेते हैं। दूसरी ओर मत या विचार का निर्माण प्रधानत: चेतन होता है
(K. Young, 1951


Q87. मनोवृत्ति तथा शीलगुण में अंतर बताएँ।

उत्तर ⇒

(i) मनोवृत्ति में दिशात्मकता (directionality) होती है, लेकिन शीलगुण में दिशात्मकता नहीं होती है, मनोवृत्ति अनुकूल या प्रतिकूल, सकारात्मक या नकारात्मक होती है। यह या तो पक्ष में होती है या
विपक्ष में। लेकिन, शीलगुण में यह विशेषता नहीं पाई जाती है।
(ii)मनोवृत्ति की अपेक्षा शीलगुण में अधिक स्थिरता (stability) तथा संगति (consistency) पाई जाती है।
(iii) मनोवृत्ति अर्जित होती है जबकि शीलगुण अर्जित भी होता है और मौलिक (original) भी।
(iv) मनोवृत्ति में भावात्मक संघटक (affective component) प्रधान होता है जबकि शीलगुण में यह गौण होता है।


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Q88. मनोवृत्ति की परिभाषा दें तथा इसके संघटकों का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ “मनोवृत्ति का तात्पर्य लोगों, वस्तुओं या विचारों से संबंधित विश्वासों, भावों तथा व्यवहार प्रवृत्तियों के अपेक्षाकृत स्थायी तंत्र से हैं।” मनोवृत्ति के तीन संघटक हैं-

(i) संज्ञानात्मक संघटक (Cognitive component) — इसका संबंध संज्ञान से होता है, . जैसे—एक हिंदू मंदिर देखता है तो उसे सकारात्मक या अनुकूल ज्ञान होता है कि यह भगवान का पवित्र स्थान है। यही संज्ञानात्मक घटक कहलाता है।
(ii) भावात्मक संघटक (Affective component)—किसी मनोवृत्ति से उत्पन्न भाव (feeling) को भावात्मक संघटक कहा जाता है।
(iii) क्रियात्मक संघटक (Conative component)—किसी उद्दीपन के प्रति किये गये
व्यवहार को क्रियात्मक संघटक कहते हैं। जैसे—एक हिंदू मंदिर के प्रति श्रद्धा से दोनों हाथों को उठाकर भगवान को प्रणाम करता है। दोनों के व्यवहार को मनोवृत्ति का क्रियात्मक संघटक कहेंगे। तो इस व्यवहार को मनोवृति का क्रियात्मक संघटक कहेंगे।


Q89. मनोवृत्ति के निर्माण या विकास के कारक या निर्धारक का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ मनोवृत्ति के विकास एवं निर्माण पर निम्नलिखित निर्धारकों या कारकों का प्रभाव पड़ता है

(i) समूह-संबद्धता (Group affiliation)—व्यक्ति की बहुत-सी मनोवृत्तियों के विकास पर समूह संबद्धता का प्रभाव पड़ता है, इसके कारण समूह के मूल्यों, विश्वासों, मानदंडों (norms) आदि को स्वीकार करना तथा उनके अनुकूल व्यवहार करना व्यक्ति को
कर्तव्य हो जाता है।
(ii) समाज (Society)—व्यक्ति जिस समाज में रहता है, उसके नियमों, मान्यताओं आदि का प्रभाव मनोवृत्ति से विश्वास पर पड़ता है।
(iii) व्यक्तित्व कारक (Personal factors) —  मनोवृत्ति के विकास पर कई तरह के व्यक्तित्व कारकों का भी गहरा प्रभाव पड़ता है।
(iv) सांस्कृतिक कारक (Cultural factors)—प्रत्येक संस्कृति का अपना-अपना सांस्कृतिक प्रतिरूप (cultural pattern) होता है। जिसका प्रभाव मनोवृत्ति निर्माण पर पड़ता है।


Q90. मनोवृत्ति निर्माण के मनोवैज्ञानिक कारकों का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ मनोवृत्ति निर्माण के मनोवैज्ञानिक कारक निम्नलिखित हैं

(i) परिवार एवं विद्यालय का परिवेश (Family and school environment) विशेष रूप से जीवन के आरंभिक वर्षों में अभिवृत्ति निर्माण करने में माता-पिता एवं परिवार के अन्य सदस्य महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाद में विद्यालय का परिवेश मनोवृत्ति निर्माण के लिए एक महत्त्वपूर्ण पृष्ठभूमि बन जाता है।
(ii) संदर्भ समूह (Reference group) संदर्भ समूह एक व्यक्ति को सोचने एवं व्यवहार करने के स्वीकृत नियमों या मानकों को बताते हैं। अतः ये समूह या संस्कृति के मानकों के माध्यम से अभिवृत्तियों के अधिगम को दर्शाते हैं।
(ii) व्यक्तिगत अनुभव (Personal experience) —अनेक अभिवृत्तियों का निर्माण प्रत्ययं  व्यक्तिगत अनुभव के द्वारा होता है जो लोगों के तथा स्वयं के जीवन के प्रति हमारी मनोवृत्ति में प्रबल परिवर्तन उत्पन्न करता है।

Bihar board Class 12th Question Answer 2024

 1.Hindi 100 Marks ( हिंदी )
 2.English 100 Marks ( अंग्रेज़ी )
 3.PHYSICS ( भौतिक विज्ञान )
 4.CHEMISTRY ( रसायन विज्ञान )
 5.BIOLOGY ( जीवविज्ञान )
 6.MATHEMATICS ( गणित )
 7.GEOGRAPHY ( भूगोल )
 8.HISTORY ( इतिहास )
 9.ECONOMICS ( अर्थशास्त्र )
 10.HOME SCIENCE ( गृह विज्ञान )
 11.SANSKRIT ( संस्कृत )
 12.SOCIOLOGY ( समाज शास्‍त्र )
 13.POLITICAL SCIENCE ( राजनीति विज्ञान )
 14.PHILOSOPHY ( दर्शन शास्‍त्र )
15.PSYCHOLOGY ( मनोविज्ञान )

दोस्तों अगर आप बिहार बोर्ड के छात्र हैं और कक्षा दसवीं की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां पर कक्षा 10 का सभी विषय का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन Objective Question , लघु उत्तरीय प्रश्न तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर दिया गया है जिसे पढ़कर आप अपनी तैयारी को बेहतर कर सकते हैं।   

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