श्रम बिभाजन और जाती प्रथा ( गोधूलि भाग-2 गध खंड ) Subjective Question 2024 || Shram Vibhajan Aur Jati Pratha Subjective Question Answer 2024

[ Hindi Class 10 Objective & Subjective Question Answer 2024 ] ,कक्षा 10 गोधूलि भाग 2 श्रम विभाजन और जाति प्रथा Subjective Question Answer दिया गया है। श्रम विभाजन और जाति प्रथा V.V.I Subjective Question दिया गया है। अगर आप Class 10th Hindi का Subjective Question पढ़ना चाहते हैं। श्रम विभाजन और जाति प्रथा महत्वपूर्ण ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव दिया गया है। Class 10th Hindi godhuli bhag 2 subjective question answer श्रम विभाजन और जाति प्रथा Subjective Question 2024

यहां पर बिहार बोर्ड कक्षा 10 हिंदी का श्रम विभाजन और जाति प्रथा पाठ का लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर दिया हुआ है जो मैट्रिक परीक्षा 2024 के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है यह प्रश्न उत्तर आपके आने वाले बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए देखते हुए तैयार किया गया है इसलिए श्रम विभाजन और जाति प्रथा पाठ का लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर बहुत ही महत्वपूर्ण है

श्रम विभाजन और जाति प्रथा  ( लघु उत्तरीय प्रश्न )

श्रम विभाजन और जाति प्रथा सब्जेक्टिव क्वेश्चन 2024

Q1.लेखक आज के उद्योगों में गरीबी और उत्पीड़न से भी बड़ी समस्या किसे मानते हैं और क्यों ?

Ans :- लेखक आज के उद्योगों में गरीबी और उत्पीड़न से भी बड़ी समस्या जातिवाद को मानते हैं कि उनकी जाति के आधार पर लोग उद्योगों में भेदभाव करते हैंभीमराव अंबेदकर ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ शीर्षक निबंध में गों में गरीबी और उत्पीड़न इतनी बड़ी समस्या नहीं मानते, जितनी यह लोग ‘निर्धारित’ कार्य को ‘अरुचि’ के साथ केवल विवशतावश करते स्वभावतः मनुष्य को दुर्भावना से ग्रस्त रहकर टालू काम करने और ने के लिए प्रेरित करती है।


Q2. जाति प्रथा भारत में बेरोजगारी का एक प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण कैसे बनी हुई है ?

Ans :- जातिवाद भारत में बेरोजगारी का सबसे प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण है क्योंकि लोग श्रम विभाजन को स्वाभाविक रूप से स्वीकार नहीं करते हैं परिणाम स्वरूप बेरोजगार हो जाते हैं और उन्हें बेरोजगारी का सामना करना पड़ता है ?


Q3.लेखक ने पाठ में किन प्रमुख पहलुओं से जाति प्रथा को एक हानिकारक प्रथा के रूप में दिखाया गया है ?

Ans :- लेखक ने इस पाठ में जातिवाद को एक हानिकारक पट्ठा के रूप में साबित किया है क्योंकि सच्चे मायने में देखा जाए तो भारत का विकास जातिवाद अवरोध बना हुआ है


Q4.सच्चे लोकतंत्र की स्थापना के लिए लेखक ने किन विशेषताओं को आवश्यक माना है ?

Ans :- सच्चे लोकतंत्र की स्थापना के लिए कवि निम्न बातों को आवश्यक माना है

(i) लोगों में वापसी भाईचारा हो
(ii) सामूहिक दिनचर्या हो
(iii) संविधान तथा समाज का सामना सम्मान करें
(iv) आपसी भाईचारा की भावना हो
(v) लोग अपने अनुभव का आदान प्रदान कर सके


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Q5.जाति भारतीय समाज में श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप क्यों नहीं कही जा सकती ?

Ans :- जातिवाद भारतीय समाज में श्रम विभाजन योग्यता और कुशलता के आधार पर नहीं किया गया है जिसके कारण लोग अरुचि पूर्ण होकर कार्य करते हैं


Q6.जातिवाद के पक्ष में दिए गए तर्क पर लेखक की प्रमुख आपत्तियां क्या है ?

Ans :- जातिवाद के पक्ष में दिए गए तक को लेखक बेबुनियाद करार दिया है क्योंकि यह जातिवाद देश के विकास का सबसे बड़ा बाधक है


Q7.लेखक किस विडंबना की बात करते हैं विडंबना का स्वरूप क्या है ?

Ans :- लेखक भीमराव अंबेडकर ने इस पाठ में जातिवाद को बिना बना के रूप में माना है क्योंकि जाति भाव के आधार पर समाज बटा हुआ है


Q8.लेखक जातिवादियों के तर्क को आपत्तिजनक क्यों कहा है ?

Ans :- लेखक ने जातिवादियों के तर्क को आपत्तिजनक कहा है। जाति प्रथा में श्रम विभाजन के साथ-साथ श्रमिक-विभाजन भी है। लेखक की दृष्टि में यही आपत्तिजनक स्थिति है।


Q9. लेखक के अनुसार आदर्श समाज में किस प्रकार की गतिशीलता होनी चाहिए ?

Ans :- लेखक भीमराव अम्बेदकर के अनुसार किसी भी आदर्श समाज में इतनी गतिशीलता होनी चाहिए जिसमें कोई भी वांछित परिवर्तन समाज के एक छोर से दूसरे छोर तक संचारित हो सके। ऐसे समाज में बहुविध हितों में सबका भाग होना चाहिए तथा सबको उनकी रक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए।


Q10.सच्चे लोकतंत्र की स्थापना के लिए लेखक ने किन विशेषताओं को आवश्यक माना है ?

Ans :- भीमराव अम्बेदकर ने ‘श्रम विभाजन और जातिप्रथा’ शीर्षक निबंध में लिखा है कि स्वतंत्रता, समता और भ्रातृत्व पर आधारित समाज ही सच्चा लोकतंत्र है। लोकतंत्र केवल शासन की एक पद्धति ही नहीं है, लोकतंत्र मूलतः सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति तथा समाज के सम्मिलित अनुभवों के आदान-प्रदान का नाम है। लोकतंत्र में यह आवश्यक है कि अपने साथियों के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव हो।


Q11.लेखक ने भारत की जाति प्रथा की किस विशेषता का उल्लेख किया है?

Ans :- भारत की जाति प्रथा की एक और विशेषता यह है कि यह श्रमिकों के अस्वाभाविक विभाजन के साथ ही उनमें ऊँच-नीच का स्तर भी निर्मित करती है।


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Q12. जाति प्रथा के दषित सिद्धांत क्या है?

Ans :- जाति प्रथा का दूषित सिद्धांत यह है कि इसमें मनुष्य के प्रशिक्षित अथवा उसकी निजी क्षमता का विचार किये बिना दूसरे ही दृष्टिकोण, जैसे-माता-पिता के सामाजिक स्तर के अनसार पहले ही अर्थात् गर्भधारण के समय से ही मनुष्य का पेशा निर्धारित कर दिया जाता है।


Q13.जातिवाद के पोषक उसके पक्ष में क्या तर्क देते हैं?

Ans :- भीमराव अंबेदकर ने ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ शीर्षक विचार प्रधान निबध में भारत में व्याप्त जाति प्रथा की आलोचना की है। जातिवाद के पोषक ‘कार्य कशलता’ के लिए श्रम विभाजन को आवश्यक मानत ह परन्तु यह प्रथा श्रमिकों का ऊँच-नीच में विभाजन कर देती है—यह निंदनीय है। यह प्रथा श्रीमकों को विभाजन कर देती है। यह अस्वाभाविक है।


Q14. लेखक की दृष्टि में इस युग में विडम्बना की बात क्या है ?

Ans :- लेखक की दष्टि में विडम्बना की बात है कि इस आधनिक युग में भा जातिवाद के पोषकों की कमी नहीं है।


Q15. हिन्दूधर्म की जाति प्रथा क्या करती है ?

Ans :- हिन्दूधर्म की जाति प्रथा किसी भी व्यक्ति को ऐसा पेशा चुनने की अनमति नहीं देती, जो उसका पैतक पेशा न हो, भले ही वह उसमें पारगत हो।


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Q16. जाति भारतीय समाज में श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप क्यों नहीं कही जा सकती ?

Ans :- भीमराव अंबेदकर ने ‘श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ शीर्षक निबंध में भारत में व्याप्त जाति प्रथा की निंदा की है। जाति भारतीय समाज में श्रम विभाजन का स्वाभाविक रूप नहीं कही जा सकती है। यह मनुष्य की रुचि पर आधारित नहीं है। यह प्रथा पेशे की स्वतंत्रता का गला घोंट देती है। यह एक दूषित प्रथा हो गयी है। स्वतंत्रता, समता और भ्रातृत्व का यह प्रथा हनन करती है।


Q17. लोकतंत्र किसका नाम है?

Ans :- लोकतंत्र मूलतः सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति तथा समाज के समिलित अनुभवों के आदान-प्रदान का नाम है। इनमें यह आवश्यक है, कि अपने साथियों के प्रति श्रद्धा व सम्मान का भाव हो ।


Q18.किस परिस्थिति में किसी मनुष्य को भूखों मरने की नौबत आ सकती है ?

Ans :- प्रतिकूल परिस्थितियों में भी यदि किसी मनुष्यको अपना पेशा बदलने की छूट न् हो तो ऐसी स्थिति में उसे भूखों मरने की नौबत आ सकती है।

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