Class 12th History Question Answer 2024 PDF Download इतिहास लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर 2024 PART – 4

Class 12 History Objective & Subjective Question Answer 2024 ] : इस पोस्ट में कक्षा बारहवीं का इतिहास का महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न उत्त दिया गया है Class 12th History Question Answer 2024 PDF Download  जो कि इंटर परीक्षा 2024 के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है दोस्तों अगर आप भी कक्षा बारहवीं का तैयारी कर रहे हैं और अभी तक इतिहास का लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर को नहीं पढ़े हैं तो इस पोस्ट को शुरू से अंत तक जरूर देखें आपको काफी मदद मिलेगी

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इतिहास ( लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर ) PART – 4

Class 12th History Question Answer 2024 PDF Download

[ 64 ] अलबरूनी पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

Ans :- अलबरूनी एक फारसी विद्वान लेखक वैज्ञानिक धर्मज तथा विचारक था। यह गजनी का रहने वाला था। इसने महमूद गजनवी के अभियानों के दौरान भारत आया तथा आ घटनाओं का वर्णन किताब-उल-हिन्द में किया। इसने भारत में प्रचलित सती प्रथा, राजाआ क आपसी फट आदि की विस्तृत जानकारी अपने किताब में की है।


[ 65 ] आईन-ए-अकबरी पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

Ans :- 17वीं शताब्दी में भारत के भूमि-प्रबन्ध का अध्ययन करने के लिए, आईन-ए-अकबरी सबसे अधिक विश्वसनीय, आवश्यक एवं बहुमूल्य पुस्तक है। मलरूप में यह अकबर के दरबारी इतिहासकार अबुल फजल ] द्वारा लिखी गई, ‘अकबरनामा’ का तीसरा खण्ड है। वास्तव में
अकबरनामा तकनीकी दष्टि से एक इतिहास की पस्तक है जबकि आईन-ए-अकबरी में उन नियमों का वर्णन है जो अकबर ने अपने प्रशासन को उचित ढंग से चलाने के लिए बनाए। यह आधुनिक काल के सरकारी सूचनालय की भाँति अकबर का शासन प्रबन्ध चलाने के बारे में एक महत्त्वपूर्ण गजट है। – आईन-ए-अकबरी में सरकार के विभागों तथा विभिन्न पदाधिकारियों के साथ ही साधारण लोगों की समस्याओं तथा उस समय के अकाल, विपदा आदि की भी जानकारी मिलती है। मुगल साम्राज्य का भौगोलिक सर्वेक्षण तथा सभी प्रान्तों में आँकड़ों पर आधारित विवरण आईन-ए-अकबरी से मिलती है।


[ 66 ] बलबन की उपलब्धियों का वर्णन करें।

Ans :-दिल्ली के आरंभिक तुर्क शासकों में बलबन का महत्त्वपूर्ण स्थान है। उसी के अधीन दिल्ली सल्तनत के सुदृढीकरण का काम सम्पन्न हुआ और दिल्ली एक शक्तिशाली और सुसंगठित राज्य में परिवर्तित हई। बलवन अपना राजनैतिक जीवन इल्तुतमिश के दास के रूप में या और शीघ्र अपनी योग्यता के बल दिल्ली सल्तनत का प्रधानमंत्री और नसीरुद्दीन के मृत्यु के बाद सुल्तान बन गया। वह अपनी सल्तनतकाल में नया राजत्व का सिद्धांत लागू किया जो ईरानी शासकों से प्रभावित था। उसने केन्द्रीय सैन्य विभाग का गठन किया और सामंतों पर अंकुश लगाया। उसकी न्याय व्यवस्था से सामंत भी अछूते नहीं थे। उसने आंतरिक विद्रोह का दमन किया और मंगोल आक्रमणकारियों को भारत में प्रवेश करने से रोक दिया। बलबन शक्तिशाली अवश्य बनाया परंतु उसकी मृत्यु के बाद उसके शासन और वंश का अवसान गया।


[ 67 ] अकबर के शासन काल में भूमि का वर्गीकरण किस प्रकार किया गया था।

Ans :- अकबर ने उत्पादकता के आधार पर भूमि का वर्गीकरण किया। इसने पूर्व से चली आ रही भूमि पैमाइश की इकाई गज-ए-सिकंदरी की जगह गज-ए-इलाही की शुरूआत की। भूमि का वर्गीकरण, खालसा, पोलज, बंजर, ऊसर आदि इकाइयों में किया। इससे भू राजस्व के निर्धारण में आसानी होती थी।


[ 68 ] अकबरकालीन कर निर्धारण प्रणाली के बारे में आप क्या जानते हैं?

Ans :- आईन-ए-अकबरी के अनुसार अकबर के काल में कर निर्धारण की तीन प्रणालियाँ प्रचलित थी—(i) गल्ला-बख्शी (ii) जब्ती (iii) नस्क।

गल्ला-बख्शी भारत में भूमिकर निर्धारण की प्राचीन प्रणाली थी? इसे बटाई भी कहा जाता था। यह बटाई तीन प्रकार से होती थी—() खेत बटाई (ii) लंक बटाई (iii) रास बटाई।
जब्ती का आशय किसान व सरकार के बीच उस समझौते से था जिसके अनुसार तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक प्रति बीघा के हिसाब से लगान निश्चित किया जाता था। चाहे खेत में कितनी भी पैदावार हो अथवा न हो। इसकी दर जमीन की उपज, शक्ति और उसकी स्थिति पर निर्भर थी। जब्ती को नगद अथवा जमई भी कहते थे।
नक्स–नक्स अथवा कनकूत प्रणाली के तहत जमीन की मोटे तौर पर पैदावार आँकी जाती थी। यह प्रणाली कृषकों के लिए अलाभकारी तथा झंझटपूर्ण थी।


[ 69 ] मुगल दरबार में अभिवादन के कौन से तरीके थे?

Ans :- मुगल दरबार में अभिवादन के सिजदा तथा जमींबोस प्रणाली विकसित थी। इसमें सिजदा के रूप में दंडवत् होकर शासक के सामने लेटना होता था। जमींबोस के तहत शासक के सामने झुककर जमीन को चूमना होता था।


[ 70 ] मुगलकाल में निर्मित, चार स्थापत्य कलाकृतियों के नाम लिखें।

Ans :- मुगलकाल में निर्मित चार स्थापत्य कलाकृतियाँ निम्न हैं :

(j) बुलंद दरवाजा – अकबर द्वारा ‘
(ii) लाल किला – शाहजहाँ द्वारा
(iii) ताजमहल- शाहजहाँ द्वारा
(iv) बीबी का मकबरा – औरंगजेब द्वारा


[ 71 ] ग्रामीण दस्तकार पर संक्षेप में टिप्पणी लिखें।

Ans :- ग्रामीण समुदाय में दस्तकारों की संख्या भी मुगलकाल में अत्यधिक बढ़ ग किसी-किसी गांव में तो 25% घर दस्तकारों के ही थे। कुम्हार, लोहार, बढ़ई, नाई एवं
सुनार आदिप्रमुख ग्रामीण दस्तकार थे। इनकी बनी वस्तओं की शहरों में अत्यधिक मांग थी। खेतीहर परिवार दस्तकार आपस में वस्तुओं एवं सेवाओं का विनिमय करते थे। बंगाल में जजमा समान थी। बगाल में जमीदार, लोहार, बढ़ई एवं सनारों को उनकी सेवाओ क बदल राण एवं खाने हेतु नगदी देते थे। यही व्यवस्था जजमानी कहलाती है।


[ 72 ] अकबर ने जजिया कर क्यों समाप्त कर दिया?

Ans :- अकबर हिन्दू, जैनियों और मसलमानों को एक समान दर्जा देता था। अकबर ये चाहता था कि मेरे राज्य में सभी तरह की शांति और स्थायित्व का स्रोत कायम रहे। इनके बीच मध्यस्थता करता था तथा सुनिश्चित करता था कि न्याय और शांति बनी रहे। इसी क्रम में अकबर ने 1563 तीर्थकर तथा 1564 में जजिया कर को समाप्त कर दिया।


[ 73 ] ] अकबर के मुख्य सामाजिक सुधार के बारे में लिखें।

Ans :- अकबर द्वारा किये गये सामाजिक सधार निम्नलिखित है
(i) सती प्रथा आर बाल-विवाह का निषेध ⇒ अकबर ने हिन्द समाज में प्रचलित सती-प्रथा और बाल-विवाह को समाप्त करने का प्रयास किया।
(ii) तीर्थ यात्रा कर व जजिया कर की समाप्ति ⇒ उसने हिन्दओं पर से तीर्थ यात्रा कर और अपमानजनक जजिया कर को समाप्त कर दिया।
(iii) विधवा विवाह को प्रोत्साहन ⇒ अकबर ने विधवाओं की स्थिति में सुधार के लिए विधवा विवाह को प्रोत्साहित किया।
(iv) बलात् धर्म परिवर्तन पर रोक ⇒ अकबर ने जबरनं धर्म परिवर्तन पर रोक लगा दिया। (v) धार्मिक स्वतंत्रता- अकबर ने आम जनता के साथ ही शाही महलों में हिन्दू रानियों को भी अपने धार्मिक विश्वास एवं प्रथा के अनुसार आचरण करने की छूट दी थी।


 इतिहास का लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर कक्षा 12

[ 74 ] अकबर के नवरत्नों के नाम बतलाइये।

Ans :- अकबर के दरबार में विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञ थे जिन्हें अकबर के दरबार के नौ रत्न कहा जाता था। इन नौ रत्नों के नाम इस प्रकार हैं
(i) अब्दुल रहीम खान-ए-खाना,
(ii) हकीमहुकाम,
(iii) मुल्ला दो प्याजा,
(iv) अबुल फजल,
(v) फैजी,
(vi) तानसेन,
(vii) राजा मानसिंह,
(viii) टोडरमल,
(ix) बीरबल


[ 75 ] मनसबदारी की मुख्य विशेषताओं का वर्णन करें।

Ans :- मुगल शासन प्रणाली की सबसे अद्भुत विशेषता मनसबदारी प्रथा थी। इसका नि अकबर था। ‘मनसबदार’ शब्द पदाधिकारी के लिए प्रयोग किया जाता था और इस परी व को मनसबदारी प्रथा कहा जाता था। इस व्यवस्था के अन्तर्गत अकबर के शासन के तीन प्रमुख अगों को अर्थात सामंत, सेना एवं नौकरशाही को एक सामान्य व्यवस्था में संगठित कर दिया था। अकबर द्वारा मनसब में यगल अंक प्रदान किये जाते थे जिसे जात मनसब और सवार मनसब कहा जाता था। जात मनसब द्वारा किसी व्यक्ति का अधिकारियों के बीच स्थान या उसकी वरीयता का निर्धारण होता था। इसी के अनुसार उसका वेतन भी निर्धारित होता था। सवार मनसब द्वारा किसी व्यक्ति के सैनिक दायित्व का निर्धारण होता था अर्थात् उसके अधीन सैनिकों की संख्या का निर्धारण होता था।


[ 76 ] मुगलकालीन सिक्कों (टकसाल) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

Ans :- अकबर अन्य सधारों की तरह मुद्रा प्रणाली में भी व्यापक सुधार लाये। सबसे पहले जा अब्द ससमद को दिल्ली के शाही टकसालं का अध्यक्ष नियुक्त किया और अन्य सबों ] लाहार, जौनपुर, अहमदाबाद, पटना आदि के टकसाल एवं अधिकारियों को उसके अधीन कर दिया गया। अकबर ने समस्त साम्राज्य में एक ही प्रकार की मुद्रा व्यवस्था लाग किया। अ के समय सोने, चाँदी, ताँबे के गोल एवं चौकोर सिक्के चलाये और सिक्कों पर बादशा टकसाल का नाम एवं जारी किये गये वर्ष का नाम उल्लेख होता था। अकबर द्वारा जारी”, गये कुछ सिक्के इस प्रकार थे-

(i) शंसब (सोने के सिक्के)
(ii) इलाही (सोने के सिक्के)
(iii) रुपया (चाँदी के सिक्के
(iv) गलाली (चाँदी का रुपया)
(v) दाम (ताँबे के सिक्के)
(vi) जीतल (ताँबे का सिक्का)


[ 77 ] मुगल काल में जमींदारों की स्थिति का वर्णन करें।

Ans :- मध्यकाल में कृषि संरचना में जमींदारों को जो स्थान प्राप्त था, वह ग्रामीण समान ] में उसकी श्रेष्ठता स्थापित करता है। मुगलकाल में जमींदार शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम इलाके के प्रधान के लिए किया जाता था। वास्तव में जमींदार भूमि के उत्पादन की प्रक्रिया से जुड़े हुये थे और भू-राजस्व पर उनका दावा आनुवंशिक था। मुगल काल में जमींदार वर्ग का जन्म नहीं हुआ बल्कि यह पहले से ही
कायम था। हालांकि सम्राट को किसी गाँव में जमींदार रखने या हटाने का पूर्ण अधिकार था किन्तु  ऐसा वे विशेष परिस्थिति में ही कर सकते थे। मध्यकालीन शासकों ने जमींदारों के अधिकारों की वैधता प्रदान की किन्तु वे सरकार के प्रतिनिधि के रूप में राजस्व वसूली का काम करते थे। इसके बदले में उन्हें राजस्व का कुछ हिस्सा मिलता था। अधिकांश जमींदार अपनी निजी सेना रखते थे जिनकी सहायता से वे राजस्व की वसूली करते थे।


[ 78 ] मुगलकाल में महिलाओं की स्थिति का वर्णन कीजिए।

Ans :- मुगलकाल में स्त्रियों की दशा काफी खराब थी। उन्हें पुरुषों के बराबर नहीं समझा – जाता था। कुलीन वर्ग में स्त्रियाँ केवल भोग-विलास के लिए ही थी। इन्हें स्वतंत्रता नहीं थी तथा • पर्दा प्रथा प्रचलित थी। बाल विवाह, बहु-पत्नीत्व, सती प्रथा, पुत्रियों की बाल हत्या आदि कुरीतियाँ प्रचलित थीं। स्त्री केवल माँ के रूप में पूज्यनीय थी। देवदासी प्रथा प्रचलित थी। निम्नवर्ग की स्त्रियाँ बाहर भी कार्य किया करती थीं। स्त्रियाँ व्यवसाय तथा वेश्यावृति भी करती थी।


[ 79 ] मुगलकालीन हरम के बारे में आप क्या जानते हैं ?

Ans :- मुगलकाल में हरम मुगलों के घरेलू संसार का प्रतीक था। इसमें बादशाह की पत्नियाँ,’ उपपत्नियाँ, उनके नजदीकी व दूर के रिश्तेदार (माँ, उपमाता, बहन, पुत्री, भतीजी, भांजी, बहू, चाची, बुआ एवं मौसी आदि) दासी इत्यादि सभी रहते थे।
जो स्त्रियाँ मुगल परिवार में शाही खानदान से आती थीं, उन्हें बेगम कहा जाता था। जिन स्त्रियों का जन्म कुलीन परिवार में नहीं हुआ था, वे अगहा कहलाती थीं। बेगम का स्थान सबसे ऊँचा था। पदानुक्रम के अनुसार सभी को नगद मासिक भत्ता व उपहार मिलते थे। बादशाह नियमित रूप से हरम में आराम के लिये जाता था।


[ 80 ] मुगलकालीन अभिजात वर्ग पर टिप्पणी लिखें।

Ans :- मुगल दरबार का एक प्रमुख स्तंभ अधिकारियों का वर्ग था। इतिहासकारों ने उसे मुगल अभिजात वर्ग की संज्ञा दी है। मुगल अभिजात वर्ग का वर्णन एक ऐसे गुलदस्ते के रूप में किया जाता है जो बादशाह के वफादार होते थे। इस गुलदस्ते रूपी अभिजात वर्ग में सभी’ धों – के लोग होते थे। शाहजहाँ के शासनकाल में चन्द्रभान ने अपनी पुस्तक चार चमन में अभिजात वर्ग का विस्तृत वर्णन किया है। इस अभिजात वर्ग में अरब, ईरान, तुर्की, अबिसिनियाई, राजपूत एवं भारतीय मुस्लिम आदि भी सम्मलित थे। अभिजात वर्ग को आवश्यकतानुसार किसी भी प्रात में अथवा सैन्य अभियान में प्रतिनियुक्त किया जा सकता था।


[ 81 ] दहसाला पद्धति क्या थी और इसको कब स्थापित हुआ ?

Ans :- अकबर के शासनकाल में राजा टोडरमल ने राज्य की समस्त उपज के आधार पर बाँटकर लगान निश्चित की। यह व्यवस्था दस वर्ष काल में राजा टोडरमल ने राज्य की समस्त भूमि को नपवा कर न निश्चित की। यह व्यवस्था दस वर्ष के लिए की गई थी ] अतः इस दहसाला पद्धति कहते हैं। यह राव
त गत में सन 1573 ई० ] म तथा सम्पूण साम्राज्य में सन् 1579-80 ई० में स्थापित की गई। इस व्यवस्था में भी उपज का 1/3 भाग लगान के रूप में लिया जाता था।


[ 82 ] दस्तूर से आप क्या समझते हैं ?

Ans :- अकबर चाहता था कि भमिकर नगदी मिले। इस उद्देश्य से उसने विभिन्न क्षत्रा लिए नगद भूमि कर को सूचियाँ तैयार करवाई इसे ही दस्तर कहा गया है। भिन्न-भिन्न प्रकार की फसलों पर लगाये जानेवाले लगान की सचियाँ अलग-अलग क्षेत्रों के लिए तैयार की जाती थी। उदाहरण के लिए लाहौर के दस्तुर में गेहँ पर भमिकर निर्धारित करने के लिए पिछले 10 वर्षों के मूल्यों की औसत पर लगान निश्चित किया जाता था। इसी प्रकार चना, कपास आदि पर भूमिकर निश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लिए ऐसी 95 अलग-अलग सूचियाँ बनाई गई।


बिहार बोर्ड कक्षा 12 इतिहास का ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर 2024

[ 83 ] बाबरनामा क्या है?

Ans :- बाबरनामा विश्व के ऐतिहासिक ग्रन्थों और साहित्यिक रचनाओं में अग्रगण्य माना जाता है। यह ऐतिहासिक ग्रन्थ मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर की आत्मकथा है। इस ग्रन्थ से न केवल बाबर के चरित्र और व्यक्तित्व का ज्ञान प्राप्त होता है, बल्कि तत्कालीन भारत की – भौगोलिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति कीजानकारी भी प्राप्त होती है। इस ग्रन्थ में राणा संग्राम सिंह के साथ हुए भीषण युद्ध की भी चर्चा की गई है। इसी युद्ध में विजयं होने के उपरांत वह गाजी की उपाधी धारण किया था। इस ग्रंथ से उस समय के भारत की जलवायु, मौसम, वनस्पतियों की जानकारी मिलती है। वास्तव में बाबर ने भारत में इतिहास लेखन की अद्वितीय परम्परा को जन्म दिया।


[ 84 ] झरोखा दर्शन पर टिप्पणी लिखें।

Ans :- बादशाह अपने दिन की शुरुआत सूर्योदय के समय कुछ व्यक्तिगत धार्मिक प्रथाओं से करता था और उसके बाद वह पूर्व की ओर मुँह किए एक छोटे छज्जे अर्थात् झरोखे में आता था। इसके नीचे लोगों की भीड़ होती थी जिसमें सैनिक, किसान, व्यापारी, शिल्पकार, बीमार, बच्चों ‘के साथ औरतें बादशाह की एक झलक पाने के लिए इतंजार करती थी। अकबर द्वारा शुरू की गयी झरोखा दर्शन प्रथा का उद्देश्य जन-विश्वास को जागृत करना था। जहाँ ऊँच या नीच कोईभी व्यक्ति सम्राट से मिलकर बड़े से बड़े अधिकारी के खिलाफ न्याय की माँग कर सकता था।


कक्षा 12 बिहार बोर्ड  राजनीति विज्ञान लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर 2024 

S.Nकक्षा 12  ( लघु उत्तरीय & दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर )  2024 
   1.Political Science ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 1
   2.Political Science ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 2
   3.Political Science ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 3
   4.Political Science ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 4
   5.Political Science ( लघु उत्तरीय प्रश्न ) PART – 5
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